Chanakya Niti : आपके मान-सम्मान में कमी लाते हैं ये तीन काम, इन्हें कभी न करें


आचार्य चाणक्य प्रकांड विद्वान होने के साथ आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञ थे. अपने बुद्धि कौशल के बल पर ही उन्होंने एक साधारण से बालक को सम्राट बना दिया था. आचार्य जीवन का हर लक्ष्य एक सटीक योजना के साथ पूरा करते थे. उन्होंने जीवन में जो कुछ भी किया एक उसूल के साथ किया और लोगों को भी हमेशा धर्म का ही पाठ पढ़ाया.

आचार्य का मानना था कि जिस काम में लोगों की मंशा ठीक नहीं होती या दूसरों का अहित छिपा होता है, वो काम कभी सही नहीं होता. ऐसे काम हमेशा आपको गर्त की ओर धकेलते हैं और आपको अपयश दिलाते हैं. इन्हें कभी नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं आचार्य द्वारा बताए गए ऐसे तीन काम जो आपके मान और प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकते हैं.

झूठ बोलकर फायदा उठाना

आचार्य का मानना था कि झूठ के पांव नहीं होते. एक न एक दिन वो पकड़ा जरूर जाता है. इसलिए अगर आप किसी से झूठ बोलकर खुद कोई लाभ लेते हैं तो एक दिन आपका झूठ जरूर पकड़ा जाएगा और आप अपना मान-सम्मान खो बैठेंगे. ऐसे लोगों का कोई भी व्यक्ति साथ नहीं देना चाहता.

दूसरों की बुराई करना

कुछ लोगों की आदत होती है कि वो हमेशा दूसरों में कमियां ही ढूंढते रहते हैं. वे जब भी किसी के पास बैठते हैं, किसी न किसी की कुछ न कुछ बुराई ही करते हैं. ऐसे लोग वास्तव में खुद ही नकारात्मकता से भरे होते हैं और दूसरों के बीच भी नकारात्मकता फैलाते हैं. ऐसे लोग किसी की खुशियां या तरक्की को देख नहीं पाते, इसलिए बुराई करके अपने मन को शांत करते हैं. ऐसे लोगों को जमाना कभी सम्मान की नजर से नहीं देखता.

नुकसान पहुंचाने के लिए धन का प्रयोग

यदि आपके पास धन है तो उसका प्रयोग हमेशा अच्छे कार्यों में करना चाहिए ताकि आपका मान और सम्मान बढ़े. अगर आप धन को बुरे कार्यों में लगाते हैं या किसी के अहित के लिए लगाते हैं तो आप अपना डर तो कायम कर सकते हैं, लेकिन सम्मान कभी नहीं पा सकते. ध्यान रखिए डर तो एक दिन खत्म होकर ही रहता है, लेकिन अच्छे कर्मों से अर्जित किया गया सम्मान मरने के बाद भी कायम रहता है.

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