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  • Acharya Bhawana Sharma

स्वर्भानु राक्षस का धड़ माना जाने वाला केतु तुला राशि में करेगा प्रवेश, 4 राशि वालों का चमकेगा भाग्य


राहु की तरह ही केतु ग्रह का भी कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है। इस ग्रह को स्वर्भानु राक्षस का धड़ माना जाता है। वैदिक ज्योतिष अनुसार केतु किसी भी जातक की कुंडली के जिस भाव में स्थित होता है उस भाव के स्वामी के अनुरूप ही फल देता है। ये कर्मप्रधान ग्रह भी माना गया है। इस ग्रह का राशि परिवर्तन 1.5 साल में एक बार होता है। वर्तमान में ये ग्रह मंगल की राशि वृश्चिक में स्थित है। 12 जुलाई से ये शुक्र की राशि तुला में गोचर करने लगेगा। इस राशि में केतु के गोचर करते ही 4 राशि वालों की जिंदगी बदल जाएगी। जानिए ये कौन सी राशियां हैं।

मिथुन राशि: केतु इस राशि के छठे भाव में स्थित रहेगा। यह समय उन छात्रों के लिए अनुकूल दिखाई दे रहा है जो इस दौरान परीक्षा में बैठने वाले हैं। इस अवधि में किसी भी प्रतियोगिता का सामना करने में आप सक्षम रहेंगे। किसी पुराने रोग से राहत मिल सकती है। इस दौरान आप कुछ न कुछ नया सीखने की कोशिश करेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत रहेगी।

कन्या राशि: ये अवधि उन जातकों के लिए अच्छी है जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। आपको आपके प्रयासों में सफलता मिलेगी। आपकी लेखन कला में सुधार होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है। नई नौकरी की तलाश पूरी होगी। व्यापारियों के लिए भी समय अनुकूल दिखाई दे रहा है।

धनु राशि: इस राशि वालों के लिए ये गोचर लाभप्रद साबित होगा। अटके हुए धन की प्राप्ति होगी। जो लोग राजनीति में हैं या राजनीति में अपनी किस्मत आज़माने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। आपके संबंध उच्चाधिकारी और उच्च पदस्थ लोगों से अच्छे रहेंगे। जिसका आपको लाभ भी मिलेगा। इस दौरान आप अच्छा लाभ अर्जित कर सकते हैं।

मकर राशि: इस राशि वालों के लिए ये गोचर अनुकूल दिखाई दे रहा है। समाज में आपको मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में बदलाव करने से लाभ प्राप्त होगा। अन्य माध्यमों से अच्छा धन अर्जित करने में सफल रहेंगे।

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