सपने में दिखते हैं नाग, तो ऐसे करें पूजा, मिलेगा लाभ


लोगों को अक्सर सांप के सपने आते हैं। ऐसे सपने आने के कई कारण हो सकते हैं। अधिकतर सपने इसलिए आते हैं कि ऐसा दृ‍श्य हमने देखा होगा। अधिकतर सपने हमें हमारी दिनचर्या में किए गए कार्य से प्राप्त होते हैं। कार्य का अर्थ हमने जो देखा, सुनना, समझा, इच्छा किया और भोगा वह हमारे चित्त में विराजित होकर रात में स्वप्नों के रूप में दिखाई देता है। यह सब बदले स्वरूप में इसलिए भी होते हैं क्योंकि वे हमारे शरीर में स्थित भोजन और पानी की स्थिति और अवस्था से भी संचालित होते हैं। निम्नलिखित बातों से आप समझ सकते हैं। ऐसे सपनों का कोई खास अर्थ और महत्व नहीं होता। परंतु इससे हटकर यदि सपने आ रहे हैं तो उसके कारण को भी समझना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सांप के सपने आने के शुभ और अशुभ दोनों ही प्राभव होते हैं। यदि आपको सपने में दिखते हैं नाग, तो ऐसे करें पूजा, मिलेगा लाभ।

नाग पूजा: 1. नाग के सपनों से बचने के लिए किसी भी पंचमी तिथि के दिन नाग पूजा करना चाहिए। सबसे खास मौना पंचमी और नाग पंचमी होती है। इस दिन पूजा करेंगे तो तुरंत लाभ मिलेगा।


2. ज्योतिष के अनुसार पंचमी तिथि के स्वामी नाग हैं। इस दिन अष्ट नागों की पूजा प्रधान रूप से की जाती है।



3. अष्टनागों के नाम है- अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख।


4. इस दिन व्रत रख रहे हैं तो चतुर्थी के दिन एक बार भोजन करें तथा पंचमी के दिन उपवास करके शाम को अन्न ग्रहण किया जाता है।

5. नागों की पूजा करने के लिए उनके चित्र या मूर्ति को लकड़ी के पाट के उपर विधिपूर्वक स्थापित करके पूजन किया जाता है


6. मूर्ति पर हल्दी, कंकू, रोली, चावल और फूल चढ़कर पूजा करते हैं और उसके बाद कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर नाग मूर्ति को अर्पित करते हैं।


7. पूजन करने के बाद सर्प देवता की आरती उतारी जाती है। 8. अंत में नाग पंचमी की कथा अवश्य सुनते हैं।


9. कई लोग शिवमंदिर में जाकर नाग देवता की पूजा करते हैं। 10. नाग पंचमी पूजा मुहूर्त : 05:48:49 से 08:27:36 तक। अवधि: 2 घंटे 38 मिनट।



सर्प भय और बुरे स्वप्न का उपाय : चांदी के दो सर्पों के साथ ही स्वास्तिक बनवाएं। अब थाल में रखकर इन दोनों सांर्पों की पूजा करें और एक दूसरे थाल में स्वास्त‍िक को रखकर उसकी अलग पूजा करें। सर्पों को कच्चा दूध चढ़ाएं और स्वास्त‍िक पर एक बेलपत्र चढ़ाएं। फिर दोनों थाल को सामने रखकर 'ऊं नागेंद्रहाराय नम:' का जाप करें। इसके बाद नागों को ले जाकर शिवलिंग पर अर्पित करेंगे और स्वास्त‍िक को गले में धारण करेंगे। ऐसा करने से सर्प भय और स्वप्न दूर हो जाते हैं।

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