महामारी से पूरी मुक्ति के लिए जपें महाकाल मंत्र, महाकालेश्वर से कैसे करें क्षमा प्रार्थना


महामारी से मुक्ति के लिए जपें महाकाल मंत्र, महाकालेश्वर से कैसे करें क्षमा प्रार्थना

महाकाल, महाकालेश्वर कालखंड, काल सीमा, काल-विभाजन आदि के प्रथम उपदेशक व अधिष्ठाता हैं।


स्कन्दपुराण के अवंती खंड में, शिव पुराण (ज्ञान संहिता अध्याय 38), वराह पुराण, रुद्रयामल तंत्र, शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता के तेइसवें अध्याय तथा रुद्रसंहिता के चौदहवें अध्याय में भगवान महाकाल की अर्चना, महिमा व विधान आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है।


मृत्युंजय महाकाल की आराधना का मृत्यु शैया पर पड़े व्यक्ति को बचाने में विशेष महत्व है। खासकर तब जब व्यक्ति अकाल मृत्यु का शिकार होने वाला हो। इस हेतु एक विशेष जाप से भगवान महाकाल का लक्षार्चन अभिषेक किया जाता है-



'ॐ ह्रीं जूं सः भूर्भुवः स्वः, ॐ त्र्यम्बकं स्यजा महे सुगन्धिम्पुष्टिवर्द्धनम्‌।

उर्व्वारूकमिव बंधनान्नमृत्योर्म्मुक्षीयमामृतात्‌

ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ'

हर प्रकार की बीमारी के लिए जपें यह महाकाल मंत्र सर्वव्याधि निवारण हेतु इस मंत्र का जाप किया जाता है।


ॐ मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः


महाकाल से कैसे करें क्षमा प्रार्थना कोरोना काल में औढरदानी, प्रलयंकारी, भगवान शिवशंकर श्री महाकालेश्वर से क्षमा प्रार्थना करना चाहिए कि अखिल सृष्टि प प्रसन्न होकर प्राणी मात्र का कल्याण करें -

'कर-चरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम, विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व,


जय-जय करुणाब्धे, श्री महादेव शम्भो॥' अर्थात हाथों से, पैरों से, वाणी से, शरीर से, कर्म से, कर्णों से, नेत्रों से अथवा मन से भी हमने जो अपराध किए हों, वे विहित हों अथवा अविहित, उन सबको है करुणासागर महादेव शम्भो! क्षमा कीजिए, आपकी जय हो, जय हो....

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