बुध का राशि परिवर्तन तुला राशि में, क्या होगा 12 राशियों की जिंदगी में


22 सितंबर 2021 बुधवार को बुध ग्रह अपनी स्वराशि कन्या से निकलकर तुला राशि में गोचर कर रहा है। बुध 22 सितंबर 2021 बुधवार को बुध ग्रह अपनी स्वराशि कन्या से निकलकर तुला राशि में ( Mercury transit in libra 2021 ) गोचर कर रहा है। बुध सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर तुला राशि में ( budh ka tula rashi me gochar ) प्रवेश कर गए हैं। तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। शुक्र पहले से ही तुला राशि में विराजमान हैं। ऐसे में इन दो ग्रहों की युति बन रही है। शुक्र और बुद्ध एक दूसरे के मित्र हैं। आओ जानते हैं कि क्या होगा 12 राशियों पर असर और किसको करियर और कारोबार में मिलेगी सफलता।

मेष : इस राशि के सप्तम भाव में गोचर कर रहा है जो कि जीवनसाथी और साझेदारी का भाव है। ऐसे में दाम्पत्य जीवन सुखमय होगा और विवाह नहीं हुआ है तो उसमें प्रगति होगी। संतान सुख भी मिलेगा। साझेदारी के कार्यो में भी सफलता मिलेगी। यदि कोई सरकारी अनुबंध किया है तो उसमें भी सफलता मिलेगी।

वृषभ : आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव ऋण, रोग और शत्रु का भाव है। इसलिए आपको थोड़ा सतर्क करने की जरूरत है। हालांकि नौकरी और व्यवसाय के लिए ये अच्छा है। खर्चों पर कंट्रोल करना होगा। लेन-देन से बचना होगा। खान पान पर विशेष ध्यान रखना होगा। टूरिजन्म के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए अच्‍छा समय है। पारिवारिक सुख मिलेगा। शराब से दूर रहें।

मिथुन : आपके पांचवें भाव में यह गोचर कर रहा है। पांचवां भाव शिक्षा, प्यार और संतान का माना जाता है। यह आपके लिए अच्छा समय रहेगा। बस आपको कोई जोखिम नहीं उठाना चाहिए और साझेदारी में सतर्कता बरतें। आप शेयर बाजार, सट्टा बाजार आदि में निवेश संभलकर ही करें, नुकसान उठाना पड़ सकता है। संतान की सेहत पर ध्यान दें। परिवार से सुख और उत्साह रहेगा।



कर्क : बुध आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव सुख, गृह, संपत्ति और माता का भाव है। यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। आपकी कुशलता बढ़ेगी। परिवार में सभी प्रकार का सुख रहेगा। हालांकि आपको खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है और वाद विवाद से बच कर रहें। वाहन या घर खरीदने का विचार बनेगा। आपको अपनी सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत है।



सिंह : बुध आपके तृतीय भाव में यह गोचर कर रहा है। यह भाव पराक्रम, यात्रा, और रचनात्मकता का भाव है। इससे यह पता चलता है कि आपमें आत्मविश्‍वास बढ़ेगा, वाणी मुखर होगी, कार्य में सफलता मिलेगी और कोई रचनात्मक कार्य भी करेंगे। बस आपको अपनी सेहत के साथ ही निवेश के जोखिम को समझना होगा।


कन्या : बुध आपके दूसरे भाव में यह गोचर कर रहा है। यह भाव वाणी, ससुराल, धन, संचार और परिवार का है। इससे पता चलता है कि परिवार में खुशी और आनंद का माहौल होगा। वाणी प्रखर होगी और धन समृद्धि बढ़ेंगी। बुद्धि से अतिरिक्त धन कमा सकते हो। उन विद्यार्थियों के लिए यह अनुकूल समय हैं जो गणित, भौतिक और अर्थ से जुड़े विषयों में परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी।


तुला : बुध आपके पहले भाव में इसका गोचर हो रहा है। पहला भाव लग्न, आत्मा और व्यक्तित्व को दर्शाता है। इससे आपको हर क्षेत्र में लाभ मिलेगा। नौकरी, करियर या व्यवसाय में आप सफल होंगे। हालांकि आपको अपने अनावश्‍यक खर्च, क्रोध और खानपन पर नियंत्रण करना होगा। सेहत अच्छी रहेगी। भाग्य साथ देगा।

वृश्चिक : बुध आपके बारहवें में इसका गोचर हो रहा है। यह विदेशी, हानि और मोक्ष का घर है। इस दौरान आपको सावधानी रखने की जरूरत है। आप घमंड और अनावश्यक महत्वकांक्षा से बचें। कार्यक्षेत्र और करियर पर विशेष ध्यान दें। अनावश्यक खर्चें और यात्रा से बचकर रहें। निवेश करने में समझदारी दिखाएं। किसी भी प्रकार के नशे से बचें। पारिवार से प्रगाढ़ संबंध बनाएं। सेहत का ध्यान रखें।


धनु : बुध आपके एकादश भाव में इसका गोचर हो रहा है। यह भाव लाभ, आय और इच्छाओं का भाव है। इसका मतलब यह कि आपको खुलकर कार्य करना चाहिए। व्यवसाय को विस्तार दे सकते हो। परिवार को हर तरह से खुश रखने का प्रयास करें। इस अवधि में ऋण चुका सकते हो। सेहत अच्छी रहेगी।


मकर : बुध आपके दसवें भाव में इसका गोचर कर रहा है। यह भाव आपके करियर, नाम, कार्यक्षेत्र और पिता की स्थिति को दर्शाता है। यह समय आपके लिए बेहतर समय रहेगा। नौकरी, करियर या व्यापार में सफलता मिलेगी। तरक्की, पदोन्नति होगी। अपने मन की कार्य पूर्ण करने का समय है। रिश्ते मजूबत होंगे। बस सेहत पर ध्यान देगा होगा।

कुंभ : बुध आपके नौवें भाव में इसका गोचर कर रहा है। यह भाव भाग्य, धर्म, पिछला जन्म और यात्रा का भाव है। इस दौरान यदि धर्म से जुड़ाव रहा तो सभी क्षेत्र में सफलता मिलेगी। बस आपको निवेश के जोखिम से बचना और रिश्तों को मजबूत करना चाहिए। सेहत अच्छी रहेगी।


मीन : बुध आपके आठवें भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव अचानक लाभ-हानि और मौत का भाव है। इस दौरान आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आप जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं उस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रिश्तों में गलतफहमी न पालें, सेहत का ध्यान रखें और नियमित कसरत करें। जितना हो सकते वाद विवाद से बचें।

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