पौष पूर्णिमा की खास 8 बातें आप भी जानिए


पौष का महीना प्रचंड शीत ऋतु का होता है। इस महीने सूर्य की उपासना करने से उपासक का तन-मन और भाव तीनों की शुद्धता हो जाती है। ज्योतिष के अनुसार पौष माह को सूर्यदेव का महीना माना जाता है।

* पौष माह की इस अवधि में सूर्यदेव की आराधना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।


* पौष पूर्णिमा को पवित्र नदियों में स्नान-दान तथा सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा है।

* इस दिन सूर्य और चंद्रमा का अनोखा संगम होता है, ऐसा इसीलिए क्योंकि ये माह सूर्यदेव का है जबकि पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि होती है। इसीलिए माना जाता है कि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की पूजा करके मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।



* पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। * जो भक्त मोक्ष की कामना रखते हैं पौष मास की पूर्णिमा को बहुत शुभ मानते हैं।


* इसी दिन से माघ महीने और स्नान-दान की शुरुआत भी होती है। * इस दिन स्नान के साथ ही दान करने का भी महत्व है।


* पौष की पूर्णिमा के दिन मां शाकंभरी जयंती और अन्नपूर्णा देवी का पूजन किया जाता है।

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