धनु राशि में बुध और सूर्य की युति का कैसा होगा राशियों पर असर? जानें


ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार, धनु राशि में बन रही बुध और सूर्य की युति को महत्वपूर्ण माना जाता है। एक ही राशि में बुध और सूर्य के स्थित होने से बुधादित्य योग बन रहा है। इस योग से किस राशि को होगी शुभ फलों की प्राप्ति? जानने के लिए पढ़ें।

बुध 10 दिसंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 5:53 मिनट पर धनु राशि में गोचर करेगा, जो इस राशि के नवम भाव में 29 दिसंबर की सुबह 11:15 मिनट तक रहेगा। वहीं, सूर्य 16 दिसंबर को सुबह 3:28 मिनट पर वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेगा और इस राशि में 14 जनवरी 2022 को दोपहर 2:29 मिनट तक रहेगा।

बुधादित्य योग का निर्माण

16 दिसंबर से सूर्य और बुध मिलकर बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। बुधादित्य योग को सकारात्मक योग माना जाता है। सूर्य और बुध के साथ आने से जातकों के प्रति सम्मान में वृद्धि होगी। इन दोनों ग्रहों के मिलन से व्यक्ति न्यूनतम प्रयास के साथ भी सफलता प्राप्त कर सकता है। हालांकि, श्रेष्ठ परिणामों की प्राप्ति के लिए यह योग किसी भी दोष से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

आइए जानते है कि यह युति विभिन्न राशियों पर कैसे प्रभाव डालेगी?

मेष:-

यह गोचर इस अवधि में नवम भाव में विराजमान होगा, जिससे आपकी राशि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आपके भाग्य में वृद्धि होगी क्योंकि नवम भाव को भाग्य भाव के नाम से जाना जाता है। बुधादित्य योग आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगा और पिता की ओर से लाभ मिलेगा।

  • न्यूनतम प्रयासों से भी आपके काम पूरे होंगे।

  • इस दौरान आप धार्मिक कार्यों में रुचि लेंगे।

  • जो लोग अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट से जुड़े हुए कार्य कर रहे हैं उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है।

  • अनावश्यक खर्चों में वृद्धि होगी, इसलिए बचत करने का प्रयास करें।

उपाय:- सूर्य पर जल चढ़ाएं और सूर्य मंत्र का जाप करें।

वृषभ :-

यह गोचर आपके अष्टम भाव में होगा। इसके परिणामस्वरूप, सभी लंबित कार्य अंततः समाप्त हो जाएंगे। जो लोग शोध संबंधी कार्य कर रहे हैं उनके लिए यह समय उत्तम है। जो लोग विदेश में बसना चाहते हैं, यह अवधि आपके लिए अच्छी साबित होगी। लेकिन कोई भी निवेश करने से पहले अच्छे से सोच-विचार करें।

  • माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

  • यह अवधि संपत्ति सम्बंधित विवादों का समाधान करने के लिए श्रेष्ठ है।

  • धन लाभ के लिए समय अच्छा है।

  • सभी कार्यों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहे।

  • अपनी सेहत का ध्यान रखें।

उपाय:- प्रतिदिन तुलसी के पौधे पर दीया जलाएं।

मिथुन :-

यह गोचर आपके सप्तम भाव में विराजमान होगा इसलिए जो लोग साझेदारी में काम कर रहे हैं उन्हें सफलता मिलेगी। यह समय व्यापार वृद्धि के लिए अच्छा है और आपके व्यवसाय का विस्तार होगा। जो लोग विदेश सम्बंधित कार्य कर रहे हैं उन्हें लाभ की प्राप्ति होगी। व्यापारी वर्ग के के लिए सुनहरा दौर है।

  • पति-पत्नी के साथ संबंधों में सुधार होगा और प्रेम में वृद्धि होगी।

  • हर स्थिति में जीवनसाथी आपका साथ देगा।

  • इस दौरान अपने खान-पान का ध्यान रखें।

  • अगर आप नाम और प्रसिद्धि पाना चाहते हैं तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है।

उपाय:- बुध मंत्र का जाप करें। गायों को हरी घास खिलाएं।

कर्क:-

यह गोचर आपके छठे भाव में विराजमान होगा। वेतनभोगी कर्मचारियों और चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए, यह अवधि उत्तम है। इस दौरान जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उन्हें निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जो लोग कर्ज लेने का प्रयास कर रहे हैं उन्हें इस अवधि में मिल सकता है।

  • आप अज्ञात शत्रुओं से अपना बचाव करने में सक्षम होंगे।

  • इसके बावजूद सतर्क रहना ही बेहतर है।

  • कुल मिलाकर आपको अपने प्रयासों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।

उपाय:- शिवलिंग का जल से अभिषेक करें।

सिंह:-

यह गोचर आपके पंचम भाव में होगा इसलिए जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं उन्हें सफलता मिलेगी। जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही है, उन्हें बेहतर परिणामों की प्राप्ति होगी।

  • प्रेम जीवन में सफलता प्राप्त होगी।

  • पारिवारिक समारोह एवं मेल-मिलाप का आनंद लेंगे, जिससे आपको प्रसन्नता का अनुभव होगा।

  • यह अवधि मौद्रिक लाभ और निवेश दोनों के लिए श्रेष्ठ है।

  • कला और खेल से जुड़े लोगों के लिए अद्भुत समय है।

उपाय:- गुरुवार के दिन बेसन की मिठाई का दान करें।

कन्या:-

यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होगा। यह समय धन सम्बंधित मामलों के लिए उत्तम रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए यह अच्छा समय है। माता की तरफ से आपको लाभ प्राप्त हो सकता है।

  • यह अवधि नई नौकरी शुरू करने के लिए शानदार है।

  • आप इस दौरान उपयोगी संबंध बनाने में सफल होंगे जो आपके व्यवसाय के लिए श्रेष्ठ सिद्ध होंगे।

  • न्यूनतम प्रयासों द्वारा भी आपको अधिकतम सफलता प्राप्त होगी।

  • अनावश्यक खर्चों में वृद्धि के कारण आप तनावग्रस्त महसूस करेंगे, इसलिए बचत करने का प्रयास करें।

उपाय:- ट्रांसजेंडर्स का आशीर्वाद लें और उन्हें कोई उपहार दें।

तुला:-

यह गोचर आपके तृतीय भाव में विराजमान होगा; इसलिए इस अवधि में आपके द्वारा किए गए सभी प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। पहले से अटके हुए किसी काम की दोबारा शुरुआत होगी। आपकी व्यापार संबंधी यात्राएं सफल होंगी। आपके संबंध इस समय मजबूत साबित होंगे और आपकी यात्राओं को सफल बनाएंगे। जो लोग अंतरराष्ट्रीय बाजार सम्बंधित कार्य कर रहे हैं उन्हें धन लाभ होगा।

  • इस समय सरकारी अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे।

  • आपको लाभ की प्राप्ति होगी।

  • भाई-बहनों के बीच चल रहे विवाद का समाधान हो जाएगा।

  • कुल मिलाकर यह समय आपके लिए शानदार रहेगा।

उपाय:- शनि मंदिर के बाहर पीपल के पेड़ पर दीया जलाएं।

वृश्चिक:-

यह गोचर आपके द्वितीय भाव में होगा। इस अवधि में आप पारिवारिक समारोहों में शामिल होंगे। अविवाहित लोग शादी के बंधन में बंध सकते हैं या सगाई कर सकते हैं।

  • यह अवधि आपके लिए आय के नए स्रोतों से भरी होगी, जो आपको जीवन में बहुत कुछ हासिल करने में सहायता करेगी।

  • आपको और आपके काम को परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा, जो आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

  • यह आपको प्रसन्नता देगा,साथ ही आपकी सफलता को देखकर आपका परिवार भी गौरवान्वित महसूस करेगा।

उपाय:- हनुमान जी के दर्शन करें और हनुमान चालीसा का जाप करें।

धनु :-

यह गोचर आपके प्रथम भाव में होगा इसलिए यह अवधि व्यवसाय के लिए अद्भुत है। साझेदारी में किए गए कार्य द्वारा आपको सफलता की प्राप्ति होगी और यह आपके लिए उत्तम सिद्ध होगा। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए समय अच्छा है।

  • आपको पदोन्नति मिलने के योग हैं।

  • संतान पक्ष की ओर से आप तनावमुक्त रहेंगे, और सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

  • जो लोग स्थानांतरण करना चाहते थे, उन्हें इस अवधि में स्थानांतरण मिलेगा।

  • कुल मिलाकर आप इस अवधि में संतुष्ट रहेंगे।

उपाय:- प्रतिदिन हल्दी चंदन का तिलक करें।

मकर:-

यह गोचर आपके द्वादश भाव में होगा, इसलिए जो लोग निर्यात-आयात संबंधित कार्य कर रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल है। जो लोग विदेश में बसना चाहते हैं उनके लिए यह एक अद्भुत अवधि है, इसलिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने चाहिए।

  • निवेश करने के लिए यह समय उत्तम है।

  • आपके लाभ में वृद्धि होगी, साथ ही आपके ख़र्चों में भी वृद्धि होगी।

  • अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करते हुए बचत करने का प्रयास करें।

  • आप प्रगति हासिल करने में सफल रहेंगे, लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी।

उपाय:- शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं।

कुंभ :-

यह गोचर आपके 11वें भाव में होगा। यह समय संपत्ति से संबंधित निवेश करने के लिए श्रेष्ठ है। जीवनसाथी के साथ आप आनंदायक समय बिताएंगे और किसी रोमांटिक ट्रिप पर भी जा सकते है। आपका पार्टनर आपका भरपूर साथ देगा और यह बात आपको शांति देगी। यह अवधि आपकी संतान के लिए उत्तम है, आपको उनकी तरफ से राहत मिलेगी। जो लोग लंबे समय से शादी करना चाहते थे वे इस अवधि में विवाह कर सकते है।

  • व्यापारी वर्ग के लिए यह समय शानदार है, लेकिन जो वेतनभोगी कर्मचारी हैं उनके लिए समय मुश्किलभरा होगा।

  • अपने छिपे हुए शत्रुओं से सतर्क रहे अन्यथा वे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  • आपको शुभ समाचार मिल सकता है और ससुराल पक्ष का सहयोग प्राप्त हो सकता है।

उपाय:- अपने घर के प्रवेश द्वार पर प्रतिदिन काले तिल और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

मीन:-

यह गोचर आपके दसवें भाव में होगा। जो लोग किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो इस अवधि में आप ये कार्य कर सकते हैं। जो लोग नौकरी कर रहे हैं उनके लिए समय श्रेष्ठ है और ऐसी संभावना है कि उन्हें पदोन्नति मिल सकती है। जो लोग लंबे अर्से से नौकरी ढूंढ रहे है उन्हें नौकरी मिल सकती है।

  • धन से जुड़ें मामलों में आपको सफलता की प्राप्ति होगी।

  • पिता से भी आपको लाभ प्राप्त हो सकता है।

  • करियर में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना मिलेगी और जो लोग व्यापार की दुनिया में हैं उन्हें अपने वरिष्ठों से मदद मिलेगी।

उपाय:- मछली को गेहूं के आटे की लोई खिलाएं।

2 views0 comments

Recent Posts

See All