जानिए फेंगशुई और वास्तुशास्त्र में क्या अंतर होता है और घर की समृद्धि के लिए किन फेंग शुई टिप्स को अ


कई बार जिंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं के साथ जीवन में विषय पर छाले का सामना करना पड़ता है कई बार इससे निराशा दिखा से होती है कई बार तमाम कोशिशों के बाद भी किस्मत का ताला नहीं खुलता, आय के साधन बंद हो जाते हैं. फेंगशुई मैं बताए गए उपाय के अनुसार आप अपनी किस्मत को सही रास्ते पर ला सकते है। परंतु क्या आप जानते है फेंगशुई क्या है दरअसल पंक्चुएशन का वास्तु शास्त्र है उसमें भी व भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी जाने वाली पवित्र चीजों और उनकी व्यवस्थाओं को बताया गया है. फेंग शुई चीन की वास्तुकला है, जिसका शाब्दिक अर्थ है हवा और पानी। हवा और पानी का सही संतुलन ही फेंग शुई है। हवा से सुख की अनुभूति होती है और पानी से तृप्ति। जिस प्रकार भारतीय वास्तु शास्त्र में प्रकृति के पांच तत्वों-अग्नि, एक-दूसरे से दो तरीके से संबंध किया गया है। पहला है उत्पादक चक्र व दूसरा है विनाशक चक्र।चीनी वास्तु शास्त्र के अनुसार फेंग शुई के पांच तत्वों को एक-दूसरे से दो तरीके से संबंध किया गया है। पहला है उत्पादक चक्र व दूसरा है विनाशक चक्र।फेंग शुई के महत्वपूर्ण उपकरण : बागुआ : फेंग शुई के अनुसार प्रत्येक वस्तु एक प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न करती है, वह ऊर्जा नकारात्मक भी हो सकती है और सकारात्मक भी। यिन अर्थात नकारात्मक ऊर्जा और यांग अर्थात सकारात्मक ऊर्जा। यिन और यांग एक दूसरे के पूरक हैं जैसे रात और दिन, स्त्री और पुरुष, मृत्यु और जीवन। काला रंग यिन का प्रतीक है और सफेद रंग यांग का। ये दोनों चिह्न बागुआ के मध्य में होते हैं और आठों दिशाओं में आठ डाईग्राम होते हैं। चलिए जानते हैं फेंगशुई की इन्हीं चीजों के बारे में।

फेंगशुई और वास्तुशास्त्र में अंतर:


चीनी वास्तु फेंगशुई में दक्षिण दिशा को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर और शुभ प्रभाव वाला बताया गया है. चीन में आग्नेय कोण (दक्षिण और पूर्व के मध्य का कोणीय जगह) में पानी रखना, फव्वारा लगाना, मछली रखना या फिर पौधे लगाना शुभ फलदायी माना जाता है. लेकिन भारतीय वास्तुशास्त्र में आग्नेय कोण में जल से संबंधित कोई भी वस्तु रखने को भारी दोष माना जाता है. वास्तु के आनुसार, आग्नेय कोण में किचन बनाना या अग्नि से संबंधित कार्य करना, बिजली के सामान रखना शुभ फलदायक माना जाता है।

1. फेंगशुई के अनुसार घर में ग्रीनरी सुख समृद्धि लाती है। और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है। घर में इनडोर प्लांट खुशियां लाती है। इससे घर तो बेहद ही सुंदर दिख रहा है उसके साथ ही घर में सकारात्मक पूजा की वजह से सभी लोग खुश रहते हैं घर में परिवार जनों के बीच खुशहाली का माहौल रहता है। फेंगशुई के हिसाब से कहते हैं कि पौधा जितना बड़ा होता जाता है आप भी जीवन में उसी हिसाब से तरक्की करते जाते हैं. ऐसे में फेंगशुई के अनुसार घर में बोनसाई का पौधा लगाना उत्तम रहता।

2. फेंगशुई के अनुसार परिवार जनों को अगर काफी समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है कोशिशों के बाद भी परेशानियां दूर नहीं हो रहे हैं और आए दिन नए-नए परेशानियां खड़ी हो जाती हैं तो फेंगशुई के अनुसार ड्राइंगरूम में 9 छड़ों वाली चाइम्स लगाने से लाभ होगा और परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

3. चीनी वास्तु शास्त्र के अनुसार फुक लुक साऊ की प्रतिमाएं घर में रखने से लाभ होता है. कहते हैं कि ये तीन प्रतिमाएं तीन देवताओं की मानी जाती हैं. मान्यता है कि ये तीनों भाग्य, स्वास्थ्य और धन के देवता है. इन्हें घर में रखने से ये तीनों चीजें भरपूर मात्रा में मिलती रहती हैं।

4. फेंगशुई में स्टोन ट्री का भी बहुत अधिक महत्व है. बता दें कि यह पौधा तरह-तरह के रत्नों और स्फटिकों का बना होता है. इतना ही नहीं, ये रंग-बिरंगे रत्नों से भी बना होता है. कहते हैं कि इस पौधे को यदि घर की नॉर्थ वेस्ट दिशा में रखा जाए, तो घर में सौभाग्य में वृद्धि होती है.

5. फेंगशुई के अनुसार, ड्रैगन का जोड़ा समृद्धि का प्रतीक माना गया है. इनके पैर के पंजों में सबसे ज्यादा मोती होते हैं और कहते हैं कि इनके पैर के पंजों में ही सबसे अधिक एनर्जी होती है. कहते हैं कि इसे किसी भी दिशा में रखा जा सकता है, लेकिनअगर इसे पूर्व दिशा में रखा जाए तो ये सबसे ज्यादा लाभदायक होता है.

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