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  • Acharya Bhawana Sharma

कड़ी मेहनत से अपनी किस्मत पलट सकते हैं इन 2 राशियों के लोग, शनि की रहती है इन पर शुभ दृष्टि


शनि (Shani) को एक क्रूर ग्रह माना जाता है। लेकिन यदि शनि कुंडली में मजबूत स्थिति में होता है तो जातकों को बेहद अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। जब ये कमजोर होता है तो अशुभ फल देता है। ये मकर (Makar Rashi) और कुंभ राशि का स्वामी ग्रह होता है। तुला इसकी उच्च राशि है तो वहीं मेष नीच राशि। शनि एक राशि में ढाई साल तक गोचर रहता है। नौ ग्रहों में इसकी चाल सबसे धीमी मानी जाती है। ये ग्रह लोगों को कर्म के आधार पर फल प्रदान करता है। यहां आप जानेंगे शनि के स्वामित्व वाली राशियों मकर और कुंभ के बारे में। जानिए कैसे होते हैं इन राशियों के लोग।

मकर राशि: इस राशि के लोग थोड़े जिद्दी और कठोर स्वभाव के होते हैं। ये न्यायप्रिय होते हैं। ये कोई भी काम बेहद सोच समझने के बाद ही करते हैं। ये बातों के धनी होते हैं। इनकी संकल्पशक्ति काफी अधिक होती है। अगर एक बार ये किसी काम को करने की ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। इनके अंदर थोड़ा आलस भी देखा जाता है। इनके लिए नौकरी अधिक लाभकारी रहती है। ये अत्याधिक मेहनती होते हैं। ये अपनी मेहनत के दम पर किसी भी काम में सफलता हासिल कर सकते हैं। इन्हें भाग्य से ज्यादा कर्म पर भरोसा होता है। ये कर्मों के आधार पर अपनी किस्मत पलटने में भी सक्षम होते हैं।

कुंभ राशि: इस राशि के लोग दृढ़ निश्चयी होते हैं। ये कोई भी काम बेहद सोच समझकर करते हैं। ये स्वभाव से गंभीर होते हैं। इनके अंदर आत्मविश्वास भरपूर मात्रा में भरा होता है। ये अत्याधिक परिश्रमी होते हैं जिस कारण ये हर काम में जीत हासिल कर लेते हैं। ये धैर्यवान होते हैं। इन्हें एकाकी जीवन जीना पसंद होता है। क्योंकि शनि इस राशि के स्वामी है इसलिए इस राशि के लोगों का स्वभाव कई बार कठोर प्रतीत होता है। लेकिन अंदर से ये नरम दिल होते हैं। ये नौकरी में अधिक सफल होते हैं।

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