इन राशियों के जातक गलती से भी धारण ना करें पन्ना, हो सकता है बड़ा नुकसान


रत्नों का महत्व आज के समय में नहीं बल्कि पुरातन काल से ही है पुराने समय में भारत के राजा महाराजा और उनका शाही परिवार के भी आभूषण एवं वस्त्र रत्नों से बने होते थे यह रत्न काफी महंगे होते हैं जिनकी कीमत लाखों में होती है रत्नों का प्रयोग खूबसूरती में चार चांद लगाने के अलावा ज्योतिष शास्त्र में दिए गए महत्व को लेकर भी किया जाता है ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर व्यक्ति के जन्म के समय जो सारे ग्रहों की स्थिति होती है कुंडली को उसी हिसाब से तैयार किया जाता है इस कुंडली के आधार पर ही निर्धारित किया जाता है कि उस समय कौन सा ग्रह व्यक्ति का कारक ग्रह यानि कि मित्र ग्रह एवं कौन सा ग्रह मारक ग्रह यानि कि शत्रु ग्रह है।


ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का खास महत्व है। इस के शुभ-अशुभ प्रभाव से मनुष्य के जीवन पर बड़ा ही गहरा असर पड़ता है। यदि किसी भी मनुष्य के कुंडली में ग्रह नक्षत्रों के प्रभाव के कारण कोई अशुभ असर पड़ता है तो ऐसे में उस समस्या एवं ग्रह से जुड़े रत्न धारण करने की सलाह ज्योतिष विशेषज्ञ देते हैं। जिससे उनकी समस्या का समाधान हो सके। किसी भी रत्न को ऐसे ही कोई धारण नहीं कर , क्योंकि ऐसा करने से समस्याएं बढ़ भी सकती है। इसके लिए राशि एवं ग्रहों की दशा के बारे में अध्ययन करने के बाद ही किसी व्यक्ति को रत्न पहने को कहा जाता है। रत्न कौन सा है और उसे किस तरह से धारण करना चाहिए, इसके भी नियम बनाए गए हैं और जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है। ज्योतिष शास्त्र में यह कहा गया है कि रत्नों को धारण करने से ग्रहों की शांति के साथ-साथ मजबूती बनाए रखने में भी सफलता मिलती है। रत्नों को सोने,चांदी आदि धातु की ज्वैलरी में प्रयोग कर धारण किया जाता है। वहीं कुछ ऐसी भी रत्न होते हैं, जिन्हें हर किसी धातु के साथ धारण नहीं किया जा सकता है। जिसके बारे में बात करने जा रहे हैं वह रत्न है पन्ना। पन्ना को ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना जाता है इसे कई नामों से बुलाया जाता है जैसे कि मरकत पन्ना पांचू पाना और एनरोल्ड काफी प्राचीन बहु प्रचलित एवं मूल्यवान रत्न होता है।,जिसका रंग हरा होता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है तब वह बातचीत में कुशल एवं व्यापार में भी दक्ष होता है। लेकिन इसके पहले यह बेहद आवश्यक है कि पन्ना को भी धारण करने के पूर्व किसी अच्छे जानकार ज्योतिष से सलाह जरूर ले। वरना इससे बुद्धि एवं मन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा करने से आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। आज हम बात करने जा रहे हैं कि किन लोगों को पन्ना धारण नहीं करना चाहिए। साथ ही ऐसा करने से क्या-क्या नुकसान हो सकता है-


ये लोग पन्ना धारण ना करें –


- व्यक्ति की कुंडली में बुध नगर 6, 8 और 12वें घर का स्वामी हो, तब इस स्थिति में पन्ना पहनने से व्यक्ति को अचानक नुकसान हो सकता है।

- यदि किसी जातक के ऊपर बुध की महादशा चल रही है। साथ ही बुध 8 वें या बारहवें भाव में बैठा हो, तब ऐसी में भी व्यक्ति को पन्ना धारण नहीं करना चाहिए।

- मेष,कर्क, वृश्चिक लग्न में भी पन्ना गलती से भी धारण नहीं करना चाहिए।

- इसके अलावा कभी भी पुखराज मूंगा और मोती एक साथ धारण नहीं करना चाहिए। वरना यह भी काफ़ी नुकसान पहुंचाता है।


बिना ज्योतिष सलाह के धारण करने से हो सकती है ये परेशानियां-


- ज्योतिष के सलाह लिए बिना पन्ना धारण करते हैं तो इससे त्वचा संबंधी रोग भी हो सकती है।

- जब भी पन्ना धारण करें तो यह जरूर परामर्श लें कि इसके लिए उचित धातु कौन सा है। साथ ही नक्षत्र, दिन एवं ग्रहों की स्थिति भी देखें। ऐसा ना करने से यह हानि पहुंचा सकता है।

- ज्योतिष दुनिया में बुध को व्यापार का दाता बताया गया है ऐसे में जो भी व्यापारी केवल शौक से पन्ना धारण करते हैं उन्हें व्यापार में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

- ज्योतिष शास्त्र में बुद्ध को वाणी का भी कारक माना गया है। अब बिना किसी जानकार से सलाह लिए यदि कोई व्यक्ति पन्ना रत्न को धारण कर लेता है तो उसे वाणी से जुड़े रोग का भी सामना करना पड़ सकता है।

1 view0 comments